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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीण लोगों में खादी ग्राम उद्योग को बढ़ावा देने के उद्वेश्य से जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया
 

 
 

7 जनवरी- हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग अ बाला कैंट, हरियाणा द्वारा आज जिला पलवल के गांव तूमसरा की गौशाला में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीण लोगों में खादी ग्राम उद्योग को बढ़ावा देने के उद्वेश्य से जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया ।
इस अवसर पर श्री गौतम ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मागांधी के मौलिक अधिकारों तथा सिद्धान्तों को मूर्तरूप प्रदान करने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग देश के कोने-कोने में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों खादी उद्योग के लिए प्रेरित करके उन्हें स्वरोजगार उपलब्ध करा कर बेरोजगारी को दूर करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि गांधी जी के सपनों को साकार करने के लिए भारत सरकार द्वारा खादी और ग्रामोद्योग आयोग की स्थापना 1956 की गई । उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग का उद्वेश्य बेरोजगार तकनीकी और बुनियादी शिक्षा प्राप्त लोगों को आयोग की अनेकों योजनाओं के अन्तर्गत उन्हें ग्रामीण उद्योग स्थापित करके स्वरोजगार उपलब्ध करवाकर स्वावल बी बनाना है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में हरियाणा राज्य में खादी ग्रामोद्योग के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं के तहत 32 हजार 655 लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध करवाया गया है
श्री गौतम ने कहा कि 12 वीं पंचवर्षीय योजना के लिए खादी और ग्राम उद्योग आयोग के बजट में 192 प्रतिशत वृद्धि करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष 2012-13 में 12 वीं पंचवर्षीय योजना के तहत खादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए अनेकों नई योजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी ताकि अधिक से अधिक कामगार अपने स्वरोजगार स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि खादी ग्रामोद्योग के अन्तर्गत विभिन्न योजनाओं के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए योजनानुसार 25 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। उन्होंने कहा कि गौरक्षा करना हमारी स यता और संस्कृति के साथ-साथ हमारा नैतिक धर्म भी है । उन्होंने कहा कि गौरक्षा से जुड़ी संस्थाओं के लिए भी 12 वीं पंचवर्षीय योजना मास्टर प्लान के तहत योजना बनाने पर विचार किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग उत्तरी क्षेत्र के लिए भारत सरकार से लगभग 200 करोड़ रूपए के बजट की मांग की गई है ताकि उत्तरी क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले राज्यों दिल्ली ,हरियाणा ,पंजाब , राजस्थान, हिमाचल प्रदेश तथा ज मू कश्मीर के ल िबत आवेदनकर्ताओं की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करके उन्हें लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने कहा कि आयोग के नियमानुसार मांस तथा नशीली वस्तुओं की योजनाओं के लिए आयोग द्वारा किसी योजना को स्वीकृति प्रदान नही की जाती है। श्री गौतम ने लोगों को खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अन्तर्गत चल रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने खादी ग्रामोद्योग के अन्तर्गत चल रही विभिन्न योजनाओं को अपनाने पर बल दिया।
इस अवसर पर खादी ग्रामोद्योग अ बाला के उप निदेशक श्री अरविन्द कुमार ने श्री गौतम का स्वागत करते हुए बताया कि चालू वित्त वर्ष में खादी और ग्रामोद्योग के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आयोग के अन्तर्गत शिक्षित लोगों को मोमबती , अगरबत्ती , पापड़ -बड़ी, वाशिंग पाउडर, फाइबर आर्टिजन, हाथ कागज कन्वर्शन, पोटरी, ब्यूटीशन, सिलाई कढ़ाई, फलों-सब्जियों के अचार, मुरब्बा बनाना व पैक करना, विपणन सहायता कोर्स (18 से 45 वर्ष) तथा उदध्यमिता विकास कार्यक्रम के लिए विभिन्न कार्यों के लिए एक सप्ताह से लेकर तीन माह तक प्रशिक्षण केन्द्रों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि लोग प्रशिक्षित हो कर अपना उद्योग स्थापित कर सकें।

 



 


 


 

 

 

 

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